कैसे करे लिवर की सूजन का उपचार

 

आज कल हर व्यक्ति को पेट से सम्बंधित कुछ न कुछ परेशानी लगी रहती है. यह परेशानी लीवर में गड़बड़ी की वजह से अधिक होती हैं. खान पान पर विशष ध्यान नहीं दे पाते हैं, जिसकी वजह से लीवर ख़राब हो जाता है. इसमें लीवर का फैटी होना, सूजन आ जाना और लीवर में इन्फेक्शन हो जाना शामिल है. यदि हमारा खाना ठीक प्रकार से नहीं पच रहा है या हमे पेट में किसी प्रकार की परेशानी आ रही हैं तो हमे समझ जाना चाहिए की ये लीवर की खराबी के लक्षण हैं. इसे अनदेखा करना घातक साबित हो सकता है.

लीवर  हमारे शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है। लिवर हमारे सरीर में कुछ ख़ास कम करता है जैसे की 

  1. खाना पचाना,
  2. शरीर से विषाक्त पदार्थों  बाहर निकालना,
  3. शरीर को एनर्जी देना,

लिवर में प्रॉब्लम होने से कुछ बीमारियाँ हो जाती है जैसे की 

  1. (लीवर कैंसर )
  2. (पीलिया)
  3. (हैपेटाइटिस)
  4. (फैटी लीवर )
  5. (लीवर में सूजन)

लीवर के खराब होने के लक्षण

  1. पाचन तंत्र में खराबी
  2. पेशाब का पीला होना
  3. पेट में सूजन 
  4. आंखों और चेहरे पर पीलापन 
  5. आंखों के नीचे काले घेरे बनना
  6. मुंह से बदबू आना
  7. कमजोरी आना

इनमे से कोई वी लक्षण लगे तो तुरन्त उपचार शुरू करवा लेना चाहिए

लीवर की बीमारियों के मुख्य कारण खाने पीने में लापरवाही बरतना है।और कारण  हो सकते है जयसि की 

  1. सिगरेट और शराब का सेवन ज़्यादा करना 
  2. तेल मसाले ज्यादा प्रयोग करना
  3. जंक फूड का सेवन करना
  4. एंटीबायोटिक दवाओं का ज़्यादा इस्तेमाल 
  5. कई दिनों तक कब्ज का होना 

लीवर की सूजन कम करने  के घरेलू नुस्खें

आजकल के रहन सहन ओर खान पान के कारण हमारा लिवर बहुत कमज़ोर हो रहा हैं। जो कि लिवर हमारा खाना पचाने के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है। लीवर कार्बोहाइड्रेट को ग्लूकोज में बदलता है   विषैला पदार्थों को नष्ट करके प्रोटीन में तब्दील करता है। ये प्रक्रिया हमारे शरीर को इन्फेक्शन से बचा  के रखती है।

हल्दी 

हल्दी में एंटी सेप्टिक गुणों की भरमार होती है जो की लीवर की बीमारीयो में रामबाण की तरह असर करती है। रात को सोने से पहले दूध में हल्दी मिलाकर  पीने से लीवर की कमजोरी खत्म हो जाती है 

मुलेठी 

मूलेठी वी एक आयुर्वेद मेडिसिन है ,गरमी से होने वाली बीमारी में इस्तेमाल किया जाता है ,इसलिए लीवर की गर्मी निकालने के लिए मुलेठी का प्रयोग कर सकते हैं। मुलेठी की जड़ का चूर्ण बनाकर इसे उबले हुए पानी में घोलकर ठंडा कर लें और छानकर पिए इससे लिवर  की गरमी से राहत मिलेगी |

पालक और गाजर

पालक ओर गाजर में कुछ ऐसे तत्व होते है जो लिवर को ताक़त प्रदान करते है ,ओर इन दोआनो का जूस मिलाकर पीने से   लीवर की गर्मी और सूजन  में राहत मिलती है ।

सेब का सिरका 

सेब का सिरका में शरीर के हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने की समर्था होती है। दिन में कम से कम ३ बार एक एक चम्मच सेब का सिरका ,शहद दोनों को पानी में मिलाकर पीने से लिवर को ताकत मिलती है।जो की फ़ैटी लिवर के लिए रामबांन इलाज है ।खाना खाने से पहले सेब का सिरका पानी में मिलाकर पीने से एक्स्ट्रा  चर्बी कम हो जाती है।

 

पपीता 

लीवर में सूजन आ जाने पर रोज दो चम्मच पपीते का रस में नींबू का रस मिलाकर दिन में तीन बार लें। इस उपाय को एक महीने तक करें इससे लीवर की सूजन कम हो जाती है ।

प्याज 

रोजाना दिन में २-३ बार  प्याज खाने से लीवर में सोजन  कम हो जाती है ।

नींबू

१ गिलास पानी में एक नींबू निचोड़कर और सेंधा नमक डालकर दिन में ३-४ बार पीने से जिगर में गर्मी खत्म हो जाती है।

आंवला 

विटामिन सी से भरपूर आंवला लीवर को सही तरीके से काम करने के लिए उपवुकत तत्व प्रदान करता है। आंवले का चूर्ण या आंवले का रस नियमित दिन में ३-४ बार खाने से कुछ ही दिनों में लिवर की कमज़ोरीयो में राहत देता है ।

गेहूं के ज्वारे (वीट ग्रास )

गेहूं के ज्वारे में बहुत से पोषक तत्व होते हैं जो लीवर को मज़बूती प्रधान करते हैं। इसलिए लीवर के इन्फ़्रैक्शन को दूर करने के लिए गेहूं के ज्वारे को चबाकर या जूस बनाकर सेवन करें।ये लिवर कैन्सर में वी मददगार साबित होता है 

सेब और हरी पत्तेदार सब्जी पाचन तंत्र में उपस्थित जहरीली चीजों को बाहर निकलने में और लीवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है.

कुछ ध्यान देने लायक़ बातें ओर सावधानी

मीठी चीजों का सेवन न करें।

हरी सब्जियां जैसे लौकी, पालक, गाजर

फल जैसे पपीता, आंवला, जामुन और लीची का सेवन करें।

मिर्च मसाले  कम से कम खाएं।

पानी का सेवन अधिक करें।अगर आप छाछ का सेवन करते है तो ये बहुत फायदेमंद रहेगा लिवर के लिए ।

तेल में तली हुई चीजों का सेवन कम से कम करें।

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